slider image
slider image
slider image
slider image
slider image
slider image

हमारे उद्देश्य

  • 1. ज्ञान विज्ञान एवं प्रज्ञान हेतु पुस्तकालय एवं अधिकाधिक गतिविधियों की जानकारी हेतु वाचनालयों की स्थापना |
  • 2. न्याय पंचायत स्तर पर स्नातक- भवनों की स्थापना जिनका सदुपयोग सामुदायिक स्तर पर सम्मलेन गोष्ठी या विचार –विमर्श हेतु किया जा सके |
  • 3.गाय व गौवंश की दुर्दशा को समानार्थी गोशालाओं की स्थापना तथा व्यक्तिगत गोपालन हेतु रचनात्मक कार्य करना |
  • 4. छात्र व छात्राओं के शैक्षिक ,शारीरिक ,व चारित्रिक आदि सर्वांगींण विकास हेतु आवासीय विद्यालयों (गुरुकुलों) की स्थापना एवं संचालन करना |
  • 5. पर्यावरण परिष्करण हेतु वृक्षारोपण,परिवेशीय स्वच्छता तथा अग्निहोत्र , यज्ञ-यागादि का संबर्धन करना |
  • 6. बेरोजगार स्नातको को 6,000 से 12,000 रु0 मासिक बेरोजगारी भत्ता दिलाये जाने हेतु प्रभावी प्रयास करना |
  • 7. भारतीय प्रशासनिक सेवा व प्रांतीय प्रशासनिक सेवा मैं अनुसूचित जाति के अनुरूप प्रतियोगी परीक्षाओं मैं अनेकों अवसर उपलब्ध करना |
  • 8. गंगा ,यमुना और अन्य पवित्र सदाबहार नदियों की धारा को अविरल व निर्मल बनाने हेतु रचनात्मक और सूचनात्मक कार्य करना |
  • 9. भारतीय संस्कृति के मूल आधार- गुरु ,गंगा ,गीता ,गायत्री और गाय माता के पूर्ण सम्मान व विकास हेतु सत्प्रयाश करना |
  • 10. “मातृ देवो भव, पितृ देवो भव,आचार्य देवो भव, को साकार करने के साथ-साथ विद्वानों व वृद्ध जनों का यथायोग्य सम्मान एवं संरक्षण करना |
  • 11. समाज मैं व्याप्त अन्यायों , अत्याचारों ,कदाचारों ,कुरीतियों व व्यसनों से छुटकारा दिलाने हेतु रचनात्मक कार्य करना |
  • 12. बेरोजगारी को दूर करणार्थ नौकरी व स्वरोजगार हेतु दक्षता व कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण केन्द्रों का संवर्धन एवं विकास करना |
  • 13. “वसुधेय कुटुम्बकम” की संधारणा को साकार करते हुये वन्धुत्व भाव का समवर्धन एवं विकास का क्रियान्वन करना |
  • 14. शिष्टाचार , सदाचार और नैतिकता से समन्वित शिक्षा द्वारा सामाजिक सर्वांगीण विकास करना |
  • 15. सभी धर्म एवं सम्प्रदायों (हिन्दू ,मुस्लिम ,सिक्ख ,ईसाई,जैन व बौद्ध आदि ) के प्रति समता का भाव रखते हुये सभी का सम्मान एवं सद्व्यवहार करना | जिससे सांप्रदायिक समन्वय सुद्र्ड हो सके |
  • 16. राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी के आदर्श पर चलकर स्वकीय धर्म का पालन करते हुये भारतीय संस्कृति व सभ्यता के अनुरूप जीवन जीने की कला का अभ्युदय एवं विकास करना |

Party History

JAP: जन अधिकार पार्टी की विचारधारा समाज के सभी वर्गों को उनकी जनसंख्या के अनुसार सभी को समान अधिकार, सभी वंचित, शोषित, मजदूर, किसान, गरीब एवं महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उनके अधिकारों को दिलाना एकमात्र लक्ष्य है। जातिगत जनगणना की रिपोर्ट जारी करवाने एवं आबादी के अनुपात में सभी वर्गों को देश के सभी संसाधनों में हिस्सेदारी दिलाना अर्थात शिक्षा प्रशासन आर्थिक न्यायपालिका मीडिया विधायिका निजी क्षेत्रों एवं ठेकेदारी जैसे सभी क्षेत्रों में सभी वर्गों को समानुपात में हिस्सेदारी दिलाना।

जिसकी जितनी संख्या भारी |
उसकी उतनी हिस्सेदारी ||
--बाबू जी

एक समान शिक्षा पद्धति लागू करवाना (एक पाठ्यक्रम हो, एक जैसी किताबें हो) और शिक्षा बजट जीडीपी का कम से कम 6 से 7% तक बढ़ाना ताकि सभी शोषित वंचित एवं कमजोर तबकों के बच्चों एवं युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके जिससे युवाओं को सरकारी, निजी क्षेत्रों एवं अपने व्यवसाय के लिए सशक्त कर सके और बेरोजगारी में भी भारी कमी आ सके।

स्वास्थ्य सेवाओं का बजट बढ़ाना जनसंख्या के मानक के अनुपात में ग्रामीण एवं छोटे शहरी क्षेत्रों में अच्छी सुविधा युक्त अस्पतालों का निर्माण और योग्य/प्रशिक्षित डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

किसानों के सशक्तिकरण के लिए फसलों के लाभकारी मूल्य दिलाना, विभिन्न सहकारी संस्थाओं से बिचौलियों के बजाए सीधे आम किसानों को जोड़ना।

महिलाओं की राजनीतिक हिस्सेदारी, सम्मानजनक रूप से बढ़ाना ताकि महिलाएं स्वयं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कर सकें और अपने संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए खुद नेतृत्व हाथ में लेकर सत्ता में हिस्सेदारी लें।

Party Presidents

जन अधिकार पार्टी

बाबू सिंह कुशवाहा जी

राष्ट्रीय अध्यक्ष

बाबू सिंह कुशवाहा जी का जन्म 7 मई 1966 में बांदा जिले में हुआ उनके पिता स्वर्गीय भागवत प्रसाद जी एक साधारण किसान थे अपने आरंभिक जीवन काल में बाबू जी ने गरीब, मजदूर, किसानों की मदद किया करते थे और उनके बेहतर जीवन की दिशा में विचार किया करते थे | यह गुण उनको उनके पिता से प्राप्त हुआ आगे चलकर उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले, माता सावित्री बाई फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, भारत के लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा एवं रामस्वरूप वर्मा के बताए हुए रास्ते पर चलना शुरू कर दिया और अपना पूरा समय गरीब, कमजोर, पिछड़ों, अकलियत, महिलाओं और शोषित, वंचित वर्गों के उत्थान में लगा दिया |

अपने आरंभिक राजनैतिक जीवन में माननीय बाबू सिंह कुशवाहा जी दो बार कैबिनेट मंत्री के पद पर रहते हुए उत्तर प्रदेश की जनता की सेवा की, उन्होंने अपने महापुरुषों द्वारा दिखाए गए रास्तों पर चलते हुए सन् 2016 में जन अधिकार पार्टी की स्थापना की और जन अधिकार पार्टी के द्वारा पिछड़ों, दलितों, गरीब, मजदूर, किसान और समाज में शोषित वंचित लोगों की उत्थान की दिशा में लग गए |

उनके इस मिशन से आज लाखों की जनसंख्या में लोगों ने जन अधिकार पार्टी का दामन थामा और अपने अधिकार के लिए माननीय बाबू सिंह कुशवाहा जी के साथ अपने पूर्वजों की कुर्बानी, संविधान निर्माताओं के द्वारा प्रदत्त अधिकारों के लिए भारत में संघर्ष कर रहे हैं


Events

Our Events

Program

Our Events

Meeting

;